“चिकित्सा विज्ञान के लिए नई चुनौती: दो दिल वाली बच्ची की जिंदगी पर निगाहें”
अनोखी घटना: बच्ची की हालत स्थिर, दोनों दिल कर रहे हैं सामान्य रूप से काम
बच्ची का जन्म होते ही उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उसकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल बच्ची की स्थिति स्थिर है और राहत की बात यह है कि उसके दोनों दिल सामान्य रूप से धड़क रहे हैं।
बच्ची को जन्म के बाद पीआईसीयू (Pediatric Intensive Care Unit) में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टरों का कहना है कि यदि आने वाले छह महीनों तक बच्ची की सेहत स्थिर रहती है, तो आगे चलकर सर्जरी के ज़रिए दोनों शरीरों को अलग करने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, यह प्रक्रिया अत्यधिक संवेदनशील और जोखिमपूर्ण होगी।
अनोखी घटना:क्या होता है ‘कंजॉइंड ट्विन्स’?
डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह के मामलों को चिकित्सा विज्ञान में ‘कंजॉइंड ट्विन्स (Conjoined Twins)’ कहा जाता है। यह एक दुर्लभ स्थिति होती है, जब जुड़वां भ्रूण गर्भ के दौरान पूरी तरह अलग नहीं हो पाते और उनके शरीर के कुछ महत्वपूर्ण अंग आपस में जुड़े रहते हैं। ऐसे मामलों में जीवन रक्षा और अंगों को अलग करने की सर्जरी बेहद जटिल होती है।
अनोखी घटना:परिवार ने बच्ची को घर ले जाने का लिया निर्णय
यह बच्ची माता-पिता की पहली संतान है। डॉक्टरों से परामर्श के बाद परिवार ने बच्ची को अस्पताल से घर ले जाने का फैसला किया है और अब वे उसकी अच्छी सेहत की कामना कर रहे हैं। इस तरह की घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंकाया है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी नई चुनौती दी है।
अनोखी घटना:पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इंदौर में इस प्रकार के कुछ दुर्लभ मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जो चिकित्सा विज्ञान के लिए बड़ी चुनौती और अनुसंधान का विषय बने हैं। इस बार फिर विशेषज्ञों की टीम इस बच्ची की देखरेख में जुटी है और आने वाले समय में उसके स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

