भरनो में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान, कई गांवों में फसलें तबाह

भरनो में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान, कई गांवों में फसलें तबाह।

भरनो (गुमला):- भरनो प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को अपराह्न करीब पौने तीन बजे से साढ़े तीन बजे तक अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज आंधी और बारिश के साथ जमकर ओले गिरने लगे। ओलों से कुछ देर के लिए पूरे क्षेत्र का नजारा शिमला जैसा सफेद दिखाई देने लगा।जमीन पर गिरे ओलों को देखकर बच्चे खुशी से उछल पड़े और खेलने लगे,लेकिन दूसरी ओर इस ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी।जानकारी के अनुसार,ओलों की तेज मार से खेतों में पक कर तैयार गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हो गई।कई जगहों पर गेहूं के दाने झड़ गए और फसल जमीन पर गिर गई। नहर किनारे किसान छोटन दास द्वारा लगभग तीन एकड़ में लगाए गए गेहूं की फसल ओलावृष्टि से पूरी तरह बर्बाद हो गई। इसके अलावा खेतों में लगी खीरा और भिंडी की फसल भी ओलों की भेंट चढ़ गई।वहीं कुम्हारों गांव के किसान सुखराम उरांव,जयराम उरांव समेत कई किसानों ने बताया कि उनके खेतों में लगी मिर्च,फ्रेंचबीन्स, टमाटर,मूली,कद्दू,गोभी, मटर और गेहूं जैसी कई फसलें ओलावृष्टि के कारण नष्ट हो गईं।अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
ओलावृष्टि का असर केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रहा।कई ग्रामीणों के घरों में लगे खपड़ा और एल्बेस्टस की छतें भी ओलों की मार से चलनी हो गईं,जिससे लोगों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।
प्रखंड के कई गांवों में आंधी-पानी और ओलावृष्टि का प्रभाव देखा गया।इनमें भरनो,परसा,मालगो,पंडारनी,चेटो,हेटटोली,कुम्हारों और लेकोटोली प्रमुख रूप से शामिल हैं।जिन गांवों में ओलावृष्टि हुई वहां किसानों के खेतों में लगी फसलें और घरों की छतें काफी क्षतिग्रस्त हो गईं।इधर आम के पेड़ों में लगे मंजर भी ओलों और बारिश की मार से झड़ गए।कुछ दिन पहले तक आम की अच्छी पैदावार को लेकर किसान काफी उत्साहित थे,लेकिन मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद आम के बागानों में सन्नाटा छा गया है।ओलावृष्टि के बाद दक्षिणी भरनो पंचायत के पूर्व मुखिया मुकेश उरांव ने प्रभावित किसानों को सरकार से आपदा प्रबंधन मद से मुआवजा देने की मांग की है,ताकि उन्हें हुए नुकसान से कुछ राहत मिल सके।वहीं इधर भरनो अंचल के अंचलाधिकारी अविनाश कुजूर ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा को लेकर अंचल कार्यालय पूरी तरह मुस्तैद है।उन्होंने प्रभावित किसानों और ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों को फसल या घरों में नुकसान हुआ है, वे अंचल कार्यालय भरनो में आवेदन देकर जानकारी दें, ताकि नुकसान का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।