भूमि संसाधन विभाग के निदेशक श्याम कुमार ने गुमला में की समीक्षा, सर्वे-रजिस्ट्रेशन व नामांतरण प्रक्रिया को तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर

भूमि संसाधन विभाग के निदेशक श्याम कुमार ने गुमला में की समीक्षा, सर्वे-रजिस्ट्रेशन व नामांतरण प्रक्रिया को तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर

गुमला। भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और सेवाओं की पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्याम कुमार, निदेशक, भूमि संसाधन विभाग (ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार) ने शनिवार को गुमला जिला अंतर्गत डीसीएलआर कार्यालय एवं अंचल कार्यालय का भ्रमण कर विस्तृत समीक्षा की।
भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम की समीक्षा
निदेशक ने डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) तथा नक्शा कार्यक्रम के तहत संचालित कार्यों की प्रगति जानी। जिले में संपन्न अंतिम सर्वेक्षण, लंबित कार्यों और वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अपर समाहर्ता एवं संबंधित पदाधिकारियों ने योजनाओं की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की।
पंजीकरण व नामांतरण प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर
बैठक में पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) एवं नामांतरण (म्यूटेशन) प्रक्रियाओं में आ रही तकनीकी व प्रक्रियात्मक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। इन समस्याओं के समाधान हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध बन सके।
राजस्व न्यायालय प्रकरण प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन
निदेशक ने राजस्व न्यायालय प्रकरण प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की पेपरलेस व्यवस्था का अवलोकन किया। डीसीएलआर, गुमला तथा अंचल पदाधिकारी (गुमला एवं घाघरा) द्वारा प्रणाली की कार्यप्रणाली, पंजीकरण और नामांतरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
तकनीक-सक्षम और नागरिकोन्मुख सेवाओं पर बल
निदेशक श्याम कुमार ने कहा कि भूमि सेवाओं को तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और नागरिकोन्मुख बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से भूमि संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।