बेरोजगार संघर्ष मोर्चा ने किया विचार गोष्ठी का आयोजन
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की संचालक संजय कुमार ने किया।
मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि रोटी कपड़ा और मकान मनुष्य के मूलभूत आवश्यकताये मानी जाती है।उसके बिना मनुष्य का जीवन मुश्किल है इसमें रोटी सबसे महत्वपूर्ण है।रोटी के बिना मनुष्य जीवित नहीं रह सकता। खाद्य सुरक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित किया जाना है कि हर व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित ओर पौस्टिक भोजन मिल सके। 7 जून 2019 से विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। हम जो कुछ भी खाते पीतेहैं । जैसे पानी या फल उसको फूड ही कहा जाता है। ये फूड हमारे शरीर को जीवित रखता है।हानिकारक पदार्थ हमारे शरीर के अंदर जाता है तो हमारे जीवन के लिए खतरा बन जाता है। खराब व असुरक्षित खाना खाने के कारण फ़ूड पॉइजिंग या डायरिया हो जाता है।डिहाइड्रेशन की वजह से पीड़ित की मौत हो जाती है। दूध दही चीनी पनीर घी ये सभी मे मिलावटी पदार्थ पायी जाती है। भारत में सुरक्षित खाना उसकी गुणवत्ता की निगरानी के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड एक्ट बनाया गया है।जो यह बहुत व्यापक कानून है। फूड इंस्पेक्टर को बहुत अधिकार प्राप्त है। वह लेबोरेटरी में किसी भी चीज को जांच कर सकता है राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी प्रयोगशालाएं हैं इतना व्यापक कानून के बाद भी धड़ल्ले से मिलावटी पदार्थ की बिक्री हो रही है मोर्चा अध्यक्ष ने खाद्य सामग्री मिलावटी पर कड़ाई से रोक लगाने की मांग की है। शिवनारायण साह ने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के खाने से कई लोग बीमार पड़ते हैं खराब एवं सुरक्षित खाना खाने के कारण औसत 16 लोग बीमार होते हैं और सुरक्षित एवं मिलावटी खाद्य पदार्थ के खाने से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की ज्यादा मौत होती है इस अवसर पर जयपाल मोची किशनाराम अनिल राम संतोष विश्वकर्मा सतीश दुबे यशवंत कुमार संदीप कुमार संजय चौरसिया कृष्णा राम श्याम पाठक ने अपने-अपने विचार व्यक्त किया राम नरेश महतो ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
