बेरोजगार संघर्ष मोर्चा कार्यालय में संत गाडगे की 150वीं जयंती समारोह
बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में संत गाडगे की 150 वी जयंती मनाए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की संचालन संजय कुमार ने किया सर्वप्रथम संत गाडगे के तस्वीर पर फूल माला चढ़ाकर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि संत गाडगे दलितों एवं वंचितों के दिशा वाहक थे उन्होंने सामाजिक बुराइयां एवं कुर्तियां एवं अन्धविश्वास को दूर करने का रास्ता दिखाया संत गाडगे का मानना था कि ईश्वर ना तो तीर्थ स्थान में है और और नहीं मंदिर गिरजाघरों में हैं दरिद्र नारायण के रूप मे सब स्थान में विद्यमान है उन्होंने भूखों को भोजन नागो को वस्त्र प्यासे को पानी बेकार को कम का संदेश दिया है संत गाडगे कई धर्म सलाए बनवाए ताकि गरीबों को मुफ्त में ठहरने की व्यवस्था मिल सके संत गाडगे 1905 से 1917 तक अज्ञात वास में रहे उन्होंने आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा पर बल दिया मोर्चा अध्यक्ष ने उपस्थित लोगों से अपील किया कि संतों के आदर्शों पर चलने वाला व्यक्ति है समाज का सच्चा सिपाही हो सकता है। श्याम सुंदर बैठा ने संत गाडगे की जीवनी पर प्रकाश डाला एवं कहां की संत गाडगे का जन्म 23 फरवरी 1876 ई को महाराष्ट्र प्रांत के अमरावती जिला में हुआ था वे लोग दीन दुखियों वंचितों की सेवा ही ईश्वर मानते थे डॉ आंबेडकर संत गाडगे की सेवा भावना से प्रभावित थे। इस अवसर पर सुशील कुमार,उपेंद्र कुमार, बीरू कुमार, निरंजन राम, कृष्णा राम, जयपाल मोची, गौतम कुमार, आयुष कुमार, अखिलेश पासवान, अभिषेक कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।
उपेन्द्र रजक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

