अस्थाई समस्या का स्थाई हल है योगा — अविनाश देव

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अस्थाई समस्या का स्थाई हल है योगा – अविनाश देव

डाल्टेनगंज – सन 93 जनवरी के 05 तारीख को पतंजलि योग पीठ का आधारशिला उत्तराखंड की धरती पर रखा गया था। हरिद्वार से योगगुरु बाबा रामदेव दुनिया भर में योग का आगाज़ किया, जिसका नतीजा है 21 जून विश्व योगा दिवस के रूप में पूरा विश्व मना रही है। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार 28 वर्षों में कितने उतार चढ़ाव को देखा और आज बुलंदी के शिखर पर है। जब रसायनिक दवाओं का अविष्कार नहीं हुआ था तब चरक सुश्रुत वांगभट पतंजलि सरीखे प्राचीन ऋषियों ने वनस्पति के समिश्रित प्रयोग जिसे हम सभी आयुर्वेद के नाम से जानते हैं धड़ से अलग अंग को जोड़ कर करिश्माई परिणाम देते थे। बदहवास जिंदगी,गलत जीवनशैली और मिलावटी खाद्य सामग्री के उपभोग से आदमी रोग का ब्याधी बन गया है। कोई ऐसा अस्पताल नहीं है जहां मरीज से जगह खाली हो। उक्त बातें पतंजलि योगपीठ के स्थापना दिवस समारोह में योगा शिक्षक राजीव शरण जी ने कही। स्थापना दिवस समारोह संत मरियम आवासीय विद्यालय परिसर में रखा गया जहां संत मरियम विद्यालय के छात्र छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर पतंजलि योगपीठ पलामू इकाई के महिला पदाधिकारियों ने पट्टा एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किए। हम ने बच्चों उपस्थित सम्मानित अतिथियों को संबोधित करते कहा हमारी कोशीश है खानपान जीवन शैली सुधार कर बच्चों को निरोग रखूं और एक एक कलेजे के टुकड़े को शिक्षा के साथ दीक्षा देकर राष्ट्रनिर्माण में लगाऊं और अभिभावक के उम्मीद पर खरा उतारूं। योग ही इंसान को निरोग रख सकता है क्योंकि अस्थाई समस्या का स्थाई हल योगा है।
इस मौके पर जिनकी गरिमामई उपस्थिति रही वे हैं आदरणीय नवल तुलस्यान जी,सुरेश उदयपुरी जी,अमर गुप्ता जी,जनार्दन प्रसाद जी, आदरणीया अनुप्रिया पांडेय जी,आशा अग्रवाल जी,शिला वर्मा जी,शशि अग्रवाल जी एवं ममता जी। सबों को सादर आभार।

 

 

 

 

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