झारखंड BJP के नेताओं ने छत्तीसगढ़ में कैसी लिखी जीत की कहानी, जानिए
झारखंड BJP के नेताओं ने छत्तीसगढ़ में कैसी लिखी जीत की कहानी, जानिए
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में BJP ने प्रचंड जीत के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है।छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत में झारखंड BJP के नेताओं का भी बड़ा योगदान रहा है।
आदिवासी वोटरों को लुभाने के उद्देश्य से भाजपा ने झारखंड BJP के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी थी।
जिसे लेकर झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और राजमहल विधायक अनंत ओझा ने जमकर चुनाव प्रचार किया था। बाबूलाल ने अपनी संकल्प यात्रा से ब्रेक लेकर छत्तीसगढ़ में 11 सीटों पर प्रचार किया था।
इतना ही नहीं बाबूलाल ने संकल्प यात्रा समाप्त होने के बाद भी वहां चुनावी रैली किया था।
वहीं, ओडिशा के राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जमकर प्रचार किया था।
11 सीटों पर बाबूलाल मरांडी ने प्रचार किया था
प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कुल 11 सीटों पर प्रचार किया था। इनमें से 8 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की है। बाबूलाल ने सीतापुर में पूर्व सैनिक रामकुमार टोप्पो, लुंडरा में प्रबोध मिंज, अंबिकापुर में राजेश अग्रवाल, बसना में संपत अग्रवाल, केशकाल में नीलकंठ नेताम, कांडागांव में लता उमंडी, नारायणपुर में केदार कश्यप और दंतेवाड़ा में चेतराम उसामी के समर्थन में सभाएं की थीं, ये सीटें भाजपा ने जीतीं। वहीं तीन सीट बस्तर, सिहुआ व डोंडी लोहरा में भाजपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे।
रघुवर दास ने भी दौरा किया था
वहीं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी छत्तीसगढ़ का दौरा किया था।
रघुवर ने पाटन, बेमेतरा, वैशाली नगर, साजा, अहिवारा, मनेंद्रगढ़ के अलावा दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर की विभिन्न विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन सीट छोड़ सभी सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की। ओडिशा के राज्यपाल बनाए जाने के बाद भी रघुवर दास ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया था, जिसे लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जतायी थी।
अनंत ओझा ने सरगुजा संभार में 3 महीने तक लगाया कैंप
राजमहल विधायक अनंत ओझा को बीजेपी ने सरगुजा संभार की जिम्मेदारी सौंपी थी। यहां से साल 2018 के विधानसभा चुनाव में सारी 14 सीटें कांग्रेस ने जीती था। अनंत ओझा ने इन 14 सीटों पर जमकर सभाएं की। 3 महीने तक वहां कैंप लगाया। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि इस बार सारी 14 सीटें भाजपा में खाते में गई।
