गिरिडीह में भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग तेज, सरकारी जमीन पर कब्जे और बुजुर्ग पर हमले का मामला पहुंचा डीसी-एसपी तक

गिरिडीह में भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग तेज, सरकारी जमीन पर कब्जे और बुजुर्ग पर हमले का मामला डीसी-एसपी तक पहुंचा
भाजपा नेता सुरेश साव ने उपायुक्त से मिलकर उठाया चिल्ड्रेन पार्क की जमीन पर अवैध घेराबंदी का मुद्दा, 75 वर्षीय मनजीत सिंह बग्गा पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की भी मांग

गिरिडीह : गिरिडीह में जमीन विवाद और कथित भू-माफियाओं की गतिविधियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सरकारी जमीन पर कब्जे के प्रयास से लेकर बुजुर्ग पर जानलेवा हमले तक के मामलों को लेकर भाजपा नेता सुरेश साव ने शुक्रवार को उपायुक्त से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सुरेश साव ने नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-03 अंतर्गत पचंबा के अन्दुडीह मौजा में करीब 1.65 एकड़ सरकारी गैरमजरूआ खास जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि इस जमीन पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में प्रस्तावित चिल्ड्रेन पार्क का शिलान्यास किया गया था।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने लोगों के साथ पहुंचकर सरकारी जमीन की घेराबंदी करने का प्रयास कर रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त के समक्ष उठाया और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। बताया गया कि उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
वहीं, सुरेश साव ने गांधी चौक स्थित पुश्तैनी मकान में आधी रात को 75 वर्षीय बुजुर्ग मनजीत सिंह बग्गा पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला भी उठाया। उन्होंने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
वहीं सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव ने कहा कि गिरिडीह में लगातार जमीन पर जबरन कब्जा करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
अब देखना होगा कि सरकारी जमीन पर कथित कब्जे और बुजुर्ग पर हमले के इन दोनों मामलों में प्रशासन की कार्रवाई कितनी तेज होती है।

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