गिरिडीह में नुक्कड़ नाटक से जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश, 3 वार्डों में चला जागरूकता अभियान

वर्षा जल संचयन और सेप्टिक टैंक की नियमित सफाई को लेकर नुक्कड़ नाटक, लोगों को किया जागरूक

नगर निगम के वार्ड 11, 12 और 13 में ‘आग’ नाट्य दल ने दी प्रस्तुति, जल संरक्षण और स्वच्छता का दिया संदेश

गिरिडीह :शहर में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार, 24 अक्टूबर को गिरिडीह नगर निगम के वार्ड संख्या 11, 12 एवं 13 में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नगर निगम की ओर से आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में ‘आग’ नाट्य दल के कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से लोगों को वर्षा जल संचयन के महत्व और सेप्टिक टैंक की समय-समय पर सफाई कराने की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया। नाटक के जरिए कलाकारों ने समझाने का प्रयास किया कि जल संरक्षण और स्वच्छता केवल प्रशा~सन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व भी है। नुक्कड़ नाटक का नेतृत्व मदन मंजरवे ने किया। उनके नेतृत्व में नाट्य दल के कलाकार उत्तम चक्रवर्ती, क्वीन्स भट्टाचार्य, शंकर, सहदेव सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने सहज, सरल और रोचक अंदाज में दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं को प्रस्तुत करते हुए जल संरक्षण और साफ-सफाई के प्रति लोगों को सजग रहने का संदेश दिया। वर्षा जल संचयन से जल संकट को कम करने का संदेश नाटक के माध्यम से लोगों को बताया गया कि वर्षा जल प्रकृति का अनमोल उपहार है। बारिश के पानी को बेकार बहने देने के बजाय उसका संचयन करने से भविष्य में पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती मांग के बीच वर्षा जल संचयन की उपयोगिता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। घरों, भवनों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाकर भूजल स्तर को बनाए रखने की दिशा में योगदान दिया जा सकता है। कलाकारों ने लोगों को यह संदेश भी दिया कि जल संरक्षण की शुरुआत अपने घर और आसपास के क्षेत्र से की जा सकती है। पानी का अनावश्यक उपयोग रोकना, वर्षा जल को संरक्षित करना और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयास से ही आने वाले समय में जल संकट की चुनौती को कम करने में मदद मिल सकती है। सेप्टिक टैंक की सफाई और स्वच्छता पर दिया जोर कार्यक्रम के दौरान सेप्टिक टैंक की नियमित सफाई और उचित रखरखाव के महत्व को भी प्रमुखता से उठाया गया। लोगों को बताया गया कि शौचालय और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समय-समय पर देखभाल करना जरूरी है। सेप्टिक टैंक की उपेक्षा करने से गंदगी, दुर्गंध और आसपास के वातावरण में अस्वच्छता की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए निर्धारित अंतराल पर इसकी जांच और सफाई कराना आवश्यक हैइसके साथ ही लोगों को अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, गंदे पानी का उचित प्रबंधन करने तथा स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सहयोग देने का संदेश दिया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने यह भी रेखांकित किया कि स्वच्छता और जल संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े विषय हैं। जब नागरिक अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, तभी स्वच्छ और स्वस्थ शहर की परिकल्पना साकार हो सकती है। नगर निगम की ओर से जागरूकता अभियान इस अवसर पर नगर निगम की ओर से ममता वर्मा एवं नीलम जी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से वार्ड 11, 12 और 13 के लोगों तक जल संरक्षण तथा स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया। नुक्कड़ नाटक जैसी विधा के जरिए सामाजिक विषयों को आम लोगों के बीच सरलता से प्रस्तुत किया गया, ताकि लोग संदेश को समझने के साथ उसे अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएं। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गिरिडीह को स्वच्छ, सुंदर और जल संरक्षण के प्रति जागरूक शहर बनाने के लिए नगर निगम के प्रयासों के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। वर्षा जल का संचयन, सेप्टिक टैंक की नियमित सफाई और आसपास स्वच्छता बनाए रखने जैसी छोटी-छोटी पहल भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बन सकती हैं। नगर निगम की इस पहल के जरिए लोगों को जागरूक करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और बेहतर शहरी जीवनशैली अपनाने की दिशा में प्रेरित किया गया।