गिरिडीह में महाअष्टमी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, बड़की मैया-छोटकी मैया के दर्शन को लगी लंबी कतारें
गिरिडीह। शारदीय नवरात्र के महाअष्टमी के दिन गिरिडीह शहर और आसपास के इलाकों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही ICR रोड स्थित श्री श्री आदि दुर्गा मंडप (बड़की मैया) और छोटकी काली मंडप (छोटकी मैया) समेत शहर के विभिन्न दुर्गा मंडपों व पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मंडपों में घंटियों की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के साथ भक्तिमय माहौल बना रहा।
ICR रोड स्थित श्री श्री आदि दुर्गा मंडप, जिसे स्थानीय रूप से बड़की मैया के नाम से जाना जाता है, महाअष्टमी पर विशेष रूप से श्रद्धालुओं से भर उठा। छोटकी काली मंडप (छोटकी मैया)में भी सुबह से दर्शन के लिए लंबी कतारें बनी रहीं। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्पांजलि, आरती और अन्य पूजा विधियां संपन्न कराईं।
श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के चरणों में नारियल, फल, मिठाई, चुनरी और सिंदूर अर्पित किया। कई परिवार बच्चों समेत पहुंचे और मां से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा सुख-शांति की कामना की।
बड़की मैया और छोटकी काली के अलावा विश्वनाथ मंदिर स्थित दुर्गा मंडप, पचंबा, बरमसिया, स्टेशन रोड, पुलिस लाइन, बाभनटोली, सिरसिया, पपरवांटांड, बनियाडीह तथा सेंट्रल पीठ सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के पंडालों में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा।
स्टेशन रोड स्थित सुरो सुंदरी इंस्टीट्यूट की दुर्गापूजा की भी विशेष पहचान है; यहां पूजा का आयोजन वर्ष 1942 से हो रहा है और इस वर्ष आयोजन का 85वां वर्ष है।
भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पूजा पंडालों में प्रवेश-निकास द्वार, सीसीटीवी, अग्निशमन व्यवस्था और स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
शहर में भीड़ नियंत्रण के लिए वन-वे, बैरिकेडिंग और पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है। 18 से 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 2 बजे तक बड़े वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग का पालन कर शांतिपूर्ण त्योहार मनाने की अपील की है।
महाअष्टमी के दिन गिरिडीह के प्रमुख बाजारों और मार्गों पर भी त्योहार की रौनक देखी गई, हालांकि भीड़ के चलते कुछ स्थानों पर वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

