साक्ष्य के अभाव में चार आरोपी बरी, करीब छह साल पुराने फॉरेस्ट केस में आया फैसला
साक्ष्य के अभाव में चार आरोपी बरी, करीब छह साल पुराने फॉरेस्ट केस में आया फैसला
पलामू: करीब छह वर्षों से चल रहे एक फॉरेस्ट केस में न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में राष्ट्रीय यादव सेना के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, संवेदक रामटहल शरण, मुकेश साव और दिलीप यादव को बरी कर दिया।
वाद संख्या 559/2020 के तहत इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 33(1)(a), 33(1)(b) एवं 33(1)(c) में मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय के फैसले के बाद चारों ने न्यायालय के प्रति आभार जताते हुए इसे न्याय की जीत बताया।
मामले में अधिवक्ता श्याम सुंदर यादव ने आरोपियों की ओर से प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। चारों ने उनकी कानूनी पैरवी और प्रयासों के लिए भी आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वन विभाग के कुछ कर्मियों द्वारा लोगों को बेवजह परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कई बार मामूली मामलों को लेकर भी ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा था और फैसले से उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि लोगों को कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। न्याय मिलने में समय लग सकता है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया के बाद सत्य सामने आता है।

