शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के संघर्ष और छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत: मिथिलेश पासवान

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के संघर्ष और छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत: मिथिलेश पासवान

मनिका – कांग्रेस के जिला महासचिव मिथिलेश पासवान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का पुरजोर स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों ईमानदार और मेहनती छात्रों के लंबे संघर्ष, अटूट धैर्य और छात्र शक्ति की बहुत बड़ी जीत बताया है. जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक के खिलाफ हफ्तों से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और भूख हड़ताल के आगे आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा है और यह इस्तीफा साबित करता है कि लोकतांत्रिक तरीके से लड़ी गई युवाओं की लड़ाई कभी विफल नहीं होती. इस ऐतिहासिक मोड़ पर खुशी जाहिर करते हुए कांग्रेस के जिला महासचिव ने कहा कि यह इस्तीफा केवल एक राजनेता का पद छोड़ना नहीं है, बल्कि यह उन लाखों छात्र-छात्राओं की नैतिक जीत है जो अपने हक और भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर डटे हुए थे. धर्मेंद्र प्रधान को बहुत पहले ही इस महाघोटाले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए था, लेकिन देर से ही सही, आज अहंकार की हार हुई है और सत्य की जीत हुई है. जेसीएम संगठन पहले दिन से ही जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक छात्रों की आवाज को बुलंद करता रहा है और आज जिले भर में संगठन के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर और नारे लगाकर इस जीत का जश्न मनाया है.मिथिलेश पासवान ने स्पष्ट किया कि केवल शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना इस आंदोलन का अंत नहीं है, बल्कि यह चरमराई परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही तय होने की शुरुआत है. जेसीएम जिला इकाई सरकार से यह पुरजोर मांग करती है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की विफलताओं को देखते हुए देश की पूरी परीक्षा प्रणाली में तुरंत आमूलचूल और पारदर्शी सुधार किए जाएं. इसके साथ ही, पेपर लीक के मानसिक तनाव और हताशा के कारण जिन होनहार छात्रों ने असमय अपनी जान गंवाई है, उनके पीड़ित परिवारों को सरकार द्वारा तुरंत उचित वित्तीय मुआवजा दिया जाए. उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि देश भर में शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने वाले निर्दोष छात्रों और कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे बिना किसी देरी के वापस लिए जाएं l

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