गिरिडीह में शिक्षकों का फूटा गुस्सा, लंबित वेतन और सेवा लाभ की मांग

छह माह से लंबित वेतन पर भड़के माध्यमिक शिक्षक, नियमित भुगतान समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान

झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला बैठक में सेवा सम्पुष्टि, वरीय वेतनमान और विद्यालयों में लिपिक-अनुसेवक की नियुक्ति की मांग; झारोटेफ के चरणबद्ध आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का निर्णय

गिरिडीह। झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ (JSSTA), गिरिडीह जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को जिलाध्यक्ष चन्द्रमणि प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न लंबित समस्याओं, वेतन भुगतान, सेवा संबंधी मामलों तथा संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में योजनामद के शिक्षकों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिलने पर गहरी नाराजगी जताई गई। संघ ने कहा कि महासचिव रविन्द्र प्रसाद के लगातार प्रयासों से करीब डेढ़ माह पहले ही वेतन मद का आवंटन प्राप्त हो चुका है, इसके बावजूद अब तक भुगतान नहीं होना संबंधित कार्यालय की उदासीनता को दर्शाता है। संघ ने प्रशासन से अविलंब लंबित वेतन जारी करने की मांग की।

बैठक में यह भी मांग उठाई गई कि सभी शिक्षकों का वेतन प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के बीच नियमित रूप से भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिक्षकों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

संघ ने सभी शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में सेवा सम्पुष्टि (कन्फर्मेशन) की मुहर एवं हस्ताक्षर अंकित करने तथा मई 2023 के बाद नियुक्त शिक्षकों की सेवा सम्पुष्टि शीघ्र करने की भी मांग की। इसके अलावा सभी श्रेणी के माध्यमिक विद्यालयों में लिपिक एवं अनुसेवकों की प्रतिनियुक्ति अथवा नियमित पदस्थापन तथा वर्ष 2010 में नियुक्त शिक्षकों के वरीय वेतनमान का निर्धारण जल्द करने की मांग भी उठाई गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शिक्षकों की विभिन्न मांगों के समर्थन में झारोटेफ द्वारा प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन में झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाएगा।

बैठक में जिला संयोजक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा, जिला सचिव मो. अख्तर अंसारी, शमा प्रवीण, महेंद्र प्रसाद दांगी, मिथुन राज (बीरू जी), केशरी नंदन, सत्यनारायण प्रसाद वर्मा, राजेश कुमार सिंह, इन्द्रदेव साव, विकास कुमार, बसंत कुमार, मुकेश पाण्डेय, पंकज कुमार चक्रम, कुबेर कुमार राय, राकेश कुमार, मो. इरशाद, बमशंकर मंडल, गोपाल रजक, जितेन्द्र भगत, जितेन्द्र विश्वकर्मा, सत्यनारायण पाठक, नारायण मुर्मू, दीपक राय, फिरोज आलम, प्रवीण कुमार, अविनाश पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश, ओमप्रकाश राय, श्रीकांत कुशवाहा, संजय बरनवाल, पंकज कुमार वर्मा, मो. अकबर अली, विधेश कुमार, प्रकाश चन्द्र सिंह, सुनील कुमार, कुमार विश्वनाथ सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।