परसोनिया पुल निर्माण में बड़ी लापरवाही, 35 फीट गहरे गड्ढे बने मौत का खतरा

परसोनिया नदी पुल निर्माण में बड़ी लापरवाही! 35 फीट गहरे मौत के गड्ढे बने हादसे का इंतजार, यात्री पड़ाव पर भी अवैध कब्जा

बरसों पुरानी मांग पर शुरू हुआ पुल निर्माण, लेकिन संवेदक की लापरवाही से ग्रामीणों में बढ़ी चिंता; सुरक्षा इंतजाम और अतिक्रमण हटाने की उठी मांग

चतरा/पत्थलगड़ा : पत्थलगड़ा प्रखंड क्षेत्र की सिंघानी पंचायत स्थित सिंघानी चौक के समीप परसोनिया नदी पर वर्षों से चली आ रही ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण की मांग आखिरकार पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। पुल निर्माण कार्य प्रारंभ होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है, लेकिन अब निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही लोगों की चिंता का कारण बन गई है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण के दौरान बनाए गए पिलरों के चारों ओर लगभग 30 से 40 फीट गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, जिनमें वर्तमान समय में 30 से 35 फीट तक पानी भरा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इन जानलेवा गड्ढों के चारों ओर सुरक्षा की दृष्टि से न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर पुल का निर्माण किया जा रहा है, उसके ठीक बगल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं, बच्चों एवं पशुओं का आवागमन होता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति या पशु अनजाने में इन गहरे पानी भरे गड्ढों में गिर जाता है तो उसकी जान बचाना बेहद मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

यात्री पड़ाव पर अवैध कब्जे का भी आरोप: ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुल निर्माण कार्य कर रहे संवेदक द्वारा गांव के एकमात्र यात्री पड़ाव पर भी अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। यह यात्री पड़ाव आसपास के ग्रामीणों, खेतों से लौटने वाले किसानों तथा दूर-दराज़ से आने-जाने वाले लोगों के लिए बारिश, धूप और अन्य प्रतिकूल मौसम में ठहरने का एकमात्र सहारा है। इसके कब्जे में होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यात्री पड़ाव को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि आम लोगों को पूर्व की तरह इसका लाभ मिल सके।

सुरक्षा मानकों का पालन कराने की मांग: स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि पुल निर्माण स्थल पर तत्काल सुरक्षा घेराबंदी (बैरिकेडिंग), चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।

‘हिंदी दैनिक अखबार’ रखेगा हर गतिविधि पर नजर : प्रमुख हिंदी दैनिक ‘अखबार’ क्षेत्रहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण जनसरोकार के मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठाता रहेगा। पुल निर्माण कार्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता, सुरक्षा संबंधी लापरवाही, गुणवत्ता, निर्माण की प्रगति अथवा अन्य समस्याओं की जानकारी समय-समय पर समाचार के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और संबंधित एजेंसियां अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें।