चियांकी में रैयतों पर पुलिसिया कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच हो, झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं: भाकपा
चियांकी में रैयतों पर पुलिसिया कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच हो, झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं: भाकपा
मेदिनीनगर, पलामू। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव सह डालटनगंज विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी रूचिर कुमार तिवारी ने ग्राम चियांकी के रैयतों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि सुगवा देवी एवं चिंता कुमारी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि सदस्य जागा महतो, अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडे, पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों ने एनएचआई के कार्य के दौरान जान से मारने की नीयत से उनकी पिटाई की तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली-गलौज की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
रूचिर तिवारी ने कहा कि चियांकी में सदर एसडीओ एवं सदर सीओ ने कथित साजिश के तहत बिना पूर्व सूचना दिए जमीन खाली कराने की कार्रवाई की। इस दौरान आदिवासियों एवं अन्य रैयतों के साथ मारपीट की गई तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 50 पुलिसकर्मी एक महिला और एक पुरुष की पिटाई कर रहे थे तथा सदस्य जागा महतो द्वारा कथित रूप से “मारो-मारो, साले आदिवासियों को” जैसे शब्द कहे गए। उन्होंने कहा कि यदि यह आरोप सही हैं तो यह कानून का गंभीर उल्लंघन है। साथ ही महिलाओं के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किया जाना भी गंभीर मामला है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी-मूलवासी समाज के साथ किसी भी कीमत पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोप लगाया कि पीड़ितों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने उपायुक्त, पलामू से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पीड़ितों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे वापस लेने तथा प्रभावित रैयतों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आज भी कई रैयत प्लास्टिक के टेंट लगाकर रहने को विवश हैं।
प्रेस बयान के दौरान सुगवा देवी, चिंता कुमारी, सुनील उरांव, जोगवा देवी, सुनील टोप्पो, अनिल उरांव, नगु प्रसाद, प्रमोद साहू, पूर्णिमा कुमारी, बसंती देवी सहित कई महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।

