सतबरवा प्रखंड के किसान 16 जुलाई को ब्रह्मास्थान पर जुटेंगे, टूटे मलय डैम नहर की मरम्मत की मांग
सतबरवा प्रखंड के किसान 16 जुलाई को ब्रह्मास्थान पर जुटेंगे, टूटे मलय डैम नहर की मरम्मत की मांग
सतबरवा (पलामू): सतबरवा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा करते हुए स्थानीय किसान नेताओं ने मलय डैम की टूटी हुई नहर (चैनल संख्या-18) की मरम्मत कराने की मांग को लेकर 16 जुलाई 2026 को बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है।
आज सतबरवा प्रखंड के पोंची, हलुमाड, ताबर, मानासोती, बारी, कुसुम, गोरखा, खामडिह, रजडेरवा, नौवाडीह, शाहगंज सहित कई गांवों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की गई। किसानों ने बताया कि नवंबर 2025 में मलय डैम की चैनल संख्या-18 सतबहिनी के पास टूट गई थी, जिसके कारण सिंचाई पूरी तरह ठप हो गई है।
105 गांवों के किसान प्रभावित
सतबरवा प्रखंड, मेदिनीनगर सदर और लेस्लीगंज क्षेत्र के करीब 105 गांवों के किसान इस नहर पर पटवन (सिंचाई) निर्भर हैं। नहर टूटने के कारण किसान बिचड़ी लगा चुके हैं, लेकिन पानी के अभाव में खेती-किसानी संकट में पड़ गई है। मलय डैम में पानी भरा होने के बावजूद किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि इस समस्या की जानकारी तत्कालीन उपायुक्त, संबंधित विभागीय अधिकारियों, सांसद और विधायक को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसान आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन और विभागीय अधिकारी जानबूझकर इस मुद्दे को टाल रहे हैं।
16 जुलाई को बड़ा आंदोलन
किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को भारी संख्या में ब्रह्मास्थान पर एकत्र होकर सड़क पर उतरेंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
मौके पर उपस्थित प्रमुख किसान नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता:
आशीष कुमार सिन्हा
मनोज कुमार मेहता
सिकंदर भुईयाँ
गणेश भुईयाँ
कार्तिक साव
श्याम भुईयाँ
कृष्णा भुईयाँ
हिरा भुईयाँ
शिव साव
मुखदेव सिंह
गणेशी राम
विश्वनाथ राम
तेतर राम
विजय राम
मजित
रवि
राजन कुमार
राधेश्याम कुमार
रुपेश कुमार
अरविंद कुमार
सहित सैकड़ों किसान और युवा मौजूद रहे।
किसानों की मांग: मलय डैम चैनल संख्या-18 की शीघ्र मरम्मत कर नहर में पानी बहाल किया जाए, ताकि प्रभावित गांवों के किसान खेती कर सकें।

