जिला योजना की बैठक में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, लगभग चार करोड़ की नई योजनाओं पर मंथन

जिला योजना की बैठक में विकास कार्यों को मिली रफ्तार, लगभग चार करोड़ की नई योजनाओं पर मंथन

अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं कृषि क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर हुई चर्चा, उपायुक्त ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

गुमला। उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला योजना विभाग की कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला योजना अंतर्गत प्राप्त आवंटन, वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की प्रगति, नई विकास योजनाओं के चयन तथा विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि जिला योजना मद से प्राप्त आवंटन के आलोक में अब तक 91 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा लगभग चार करोड़ रुपये की लागत वाली नई विकास योजनाओं के चयन एवं अनुमोदन पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रस्तावित योजनाओं में एसीआर, पेयजल आपूर्ति, मरम्मत कार्य तथा जनहित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।

उपायुक्त ने सभी विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि योजनाओं को प्राथमिकता एवं आवश्यकता के आधार पर अंतिम रूप देकर स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।

बैठक में सहकारिता विभाग द्वारा संचालित बहुउद्देशीय आदिम जातीय सहकारी समितियों (लैम्प्स) को सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली से सशक्त बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। वहीं खेल विभाग की ओर से खिलाड़ियों की सुविधा के लिए स्टेडियम में खिलाड़ी विश्राम शेड (डगआउट) निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया।

बैठक के दौरान रूर्बन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही डीएसपी रोड से संबंधित प्रस्तावों एवं लागत प्राक्कलन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मूक-बधिर विद्यालय में तीन अतिरिक्त कमरों के निर्माण की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अलावा डुमरी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में चार अतिरिक्त कमरों के निर्माण संबंधी प्रस्ताव पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

कृषि एवं आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक हजार किसानों को मशरूम खेती से जोड़ने की योजना पर भी विस्तार से विचार किया गया। इस योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा के दौरान निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच मार्ग (एप्रोच पथ) निर्माण की आवश्यकता पर चर्चा की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर हो सके।

शहरी विकास के अंतर्गत जशपुर रोड क्षेत्र में ऑटो पार्किंग जोन एवं हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन) विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विशेष रूप से विचार किया गया। इस पहल से शहर की यातायात व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं एवं सौंदर्यीकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।

वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर एवं गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग), जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता बलि उरांव, नगर परिषद के सहायक अभियंता, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।