टाउन हॉल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के सख्त अनुपालन को लेकर टाउन हॉल में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
मेदिनीनगर के टाउन हॉल में शुक्रवार को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 के सख्त एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, मेदिनीनगर नगर आयुक्त जावेद हुसैन, विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्विट हॉल, लॉज, विवाह भवन संचालक एवं बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) प्रबंधक उपस्थित रहे।बैठक में उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि पूरे जिले में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2026 का प्रभावी और सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उपायुक्त ने कहा कि कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण अब अनिवार्य है। प्रत्येक घर, प्रतिष्ठान, होटल एवं संस्थान को गीला, सूखा, सैनिटरी एवं घरेलू हानिकारक कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करना होगा। उन्होंने कहा कि इससे न केवल शहर स्वच्छ बनेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जिले में चिन्हित बल्क वेस्ट जनरेटरों की संख्या, उनके पंजीकरण, ऑन-साइट प्रोसेसिंग एवं अनुपालन की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिया कि बड़े प्रतिष्ठानों में कंपोस्टिंग एवं बायोमिथेनेशन जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाए।
मेदिनीनगर नगर आयुक्त जावेद हुसैन ने कहा कि नगर निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 को चरणबद्ध तरीके से प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, डिजिटल मॉनिटरिंग एवं रियल टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था पारदर्शी एवं जवाबदेह बन सके।नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। कचरे का पृथक्करण नहीं करने, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने अथवा बिना पंजीकरण संचालन करने वालों पर पर्यावरणीय प्रतिकर एवं जुर्माना लगाया जाएगा।बैठक में बल्क वेस्ट जनरेटरों को बताया गया कि यदि किसी संस्थान का क्षेत्रफल 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक है, प्रतिदिन 40 हजार लीटर से अधिक पानी की खपत होती है अथवा 100 किलोग्राम से अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है, तो उन्हें विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। ऐसे संस्थानों को नगर निगम पोर्टल पर पंजीकरण, ऑन-साइट वेस्ट प्रोसेसिंग एवं वार्षिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करनी होगी।बैठक में मौजूद पदाधिकारियों एवं विभिन्न प्रतिष्ठानों के संचालकों को पीपीटी के माध्यम से चार-धारा कचरा पृथक्करण प्रणाली, घर-घर संग्रहण, ई-वेस्ट प्रबंधन, सैनिटरी वेस्ट निपटान एवं डिजिटल निगरानी प्रणाली की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।बैठक के अंत में उपायुक्त श्री शेखावत ने सभी नागरिकों, संस्थानों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से स्वच्छ मेदिनीनगर अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि “स्वच्छ शहर और स्वस्थ नागरिक हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। जनभागीदारी से ही मेदिनीनगर को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श शहर बनाया जा सकता है।”





