निजी विद्यालयों में बिना फिटनेस व इंश्योरेंस के वाहन संचालन पर उठे सवाल
निजी विद्यालयों में बिना फिटनेस व इंश्योरेंस के वाहन संचालन पर उठे सवाल
बच्चों की सुरक्षा खतरे में, सरकार को करोड़ों के राजस्व नुकसान का आरोप
गिरिडीह: गिरिडीह जिला सहित विभिन्न प्रखंडों में संचालित निजी विद्यालयों के वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि कई स्कूलों में बिना वैध रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और इंश्योरेंस वाले छोटे-बड़े वाहन बच्चों के परिवहन में लगाए जा रहे हैं, जिससे स्कूली बच्चों एवं राहगीरों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। साथ ही सरकार को हर वर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान होने की बात भी सामने आ रही है ताजा मामला सरिया क्षेत्र के एक निजी विद्यालय से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बुधवार को बच्चों को लेकर विद्यालय से निकली एक टाटा मैजिक वाहन ने लगभग 200 मीटर दूरी पर एक व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी घटनास्थल के समीप ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय पुलिस वाहन को कब्जे में लेकर थाना पहुंची।सूत्रों के अनुसार बाद में विद्यालय प्रबंधन और कुछ जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद वाहन को थाने से छोड़ दिए जाने की चर्चा है। हालांकि थाना प्रभारी ने पहले ऐसी घटना से इनकार किया, लेकिन बाद में वीडियो और बच्चों से भरे वाहन की जानकारी सामने आने पर यह स्वीकार किया कि वाहन विद्यालय से जुड़ा था। वहीं वाहन के कागजातों की जांच नहीं होने के सवाल पर कथित तौर पर दबाव की बात भी सामने आई।समाजसेवियों ने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालयों में ऐसे वाहन चल रहे हैं जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है या जिनका इंश्योरेंस एवं अन्य दस्तावेज अधूरे हैं। ऐसे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में पीड़ित परिवारों को मुआवजा तक नहीं मिल पाता, क्योंकि वाहन नियमों के अनुरूप पंजीकृत नहीं होते बताया गया कि बीते दिनों गांवा, तीसरी, देवरी, जमुआ एवं परसन ओपी क्षेत्र में भी स्कूली वाहन दुर्घटनाओं में कई बच्चे घायल हुए थे। इसके बावजूद विद्यालयों द्वारा पुराने और जर्जर वाहनों का संचालन जारी है। लोगों का कहना है कि जिन वाहनों को नियमों के अनुसार स्क्रैप घोषित किया जाना चाहिए, वे आज भी बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे हैं स्थानीय अभिभावकों ने प्रशासन से जिलेभर में निजी विद्यालयों के वाहनों की विशेष जांच अभियान चलाने, फिटनेस, परमिट, इंश्योरेंस एवं ड्राइविंग लाइसेंस की जांच करने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि बिना वैध दस्तावेज संचालित वाहनों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी।

