बरवाडीह में सीडीपीओ का पद खाली, आंगनबाड़ी व्यवस्था चरमराई

बरवाडीह प्रखंड में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) का पद लंबे समय से प्रभार में संचालित हो रहा है। जिसका सीधा असर आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। प्रखंड के सैकड़ों बच्चों और गर्भवती व धात्री महिलाओं को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। स्थाई सीडीपीओ के अभाव में परियोजना कार्यालय की कार्यप्रणाली कमजोर पड़ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसका फायदा उठाकर आंगनबाड़ी कर्मियों की मनमानी बढ़ गई है। नियमित निगरानी नहीं होने के कारण अधिकांश केंद्र समय पर नहीं खुल रहे हैं, जबकि कई केंद्रों में सेविका और सहायिका की उपस्थिति भी संदेह के घेरे में है। इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर छोटे बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें न तो समय पर पोषाहार मिल पा रहा है और न ही प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। बरवाडीह प्रखंड में दर्जनों मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र होने के बावजूद जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आती है। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास का आधार होते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में ये केंद्र अपने उद्देश्य से भटकते दिख रहे हैं। कई जगहों पर पोषण आहार का वितरण अनियमित है, जिससे कुपोषण की समस्या बढ़ने की आशंका गहरा रही है। वहीं, गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और पोषण संबंधी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे मातृ व शिशु स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही स्थायी सीडीपीओ की नियुक्ति नहीं की गई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने लातेहार के उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से मामले में त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और लापरवाह कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी से संज्ञान लेता है और बच्चों व महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।