निस्वार्थ सेवा के प्रतीक डॉ. विश्वनाथ ओझा को भावभीनी श्रद्धांजलि, व्यवसायीकरण से दूर रखी चिकित्सा—रूचिर तिवारी
निस्वार्थ सेवा के प्रतीक डॉ. विश्वनाथ ओझा को भावभीनी श्रद्धांजलि, व्यवसायीकरण से दूर रखी चिकित्सा—रूचिर तिवारी
मेदिनीनगर,पलामू: सर्व ब्राह्मण विकास समिति द्वारा दिवंगत डॉ. विश्वनाथ ओझा की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समिति के संरक्षक रूचिर कुमार तिवारी के आवास पर आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता स्वयं रूचिर तिवारी ने की।
सभा की शुरुआत में रूचिर तिवारी ने डॉ. ओझा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज जब चिकित्सा क्षेत्र तेजी से व्यवसायीकरण की ओर बढ़ रहा है, ऐसे दौर में डॉ. विश्वनाथ ओझा ने हमेशा इस प्रवृत्ति से खुद को दूर रखा। उन्होंने बिना अनावश्यक जांच के, सस्ती दवाइयों के माध्यम से मरीजों का इलाज कर समाज में विश्वास कायम किया। उनकी सादगी और सेवा भावना की चर्चा पूरे झारखंड में होती थी। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में उनके जैसा चिकित्सक मिलना अत्यंत कठिन है।
समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी ने इसे पलामू के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि क्षेत्र ने एक महान व्यक्तित्व को खो दिया है। सचिव त्रिपुरारी तिवारी ने उन्हें “डॉक्टर रूपी भगवान” की संज्ञा दी और कहा कि उनके भीतर अद्भुत सेवा भाव था।अन्य वक्ताओं में राजनाथ तिवारी ने उन्हें विलक्षण प्रतिभा का धनी बताया, वहीं मनु प्रसाद तिवारी ने कहा कि वे मरीजों के प्रति समर्पित रहते थे और वीआईपी संस्कृति से दूर रहते थे। अधिवक्ता शिवकुमार तिवारी ने कहा कि डॉ. ओझा में अद्भुत नैतिकता थी और वे मरीजों को देखकर ही उनकी बीमारी का अंदाजा लगा लेते थे।सभा के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद चंदन पांडे सहित मनधारी दुबे, जितेंद्र कुमार दुबे, शिव ध्यान तिवारी, विनोद कुमार तिवारी, रामराज तिवारी, विद्या तिवारी, शैलेश कुमार तिवारी, प्रेमचंद तिवारी, संतोष कुमार तिवारी, राहुल कुमार तिवारी, रोशन कुमार उपाध्याय, रोहित कुमार तिवारी, प्रशांत कुमार मिश्रा, राजनारायण उपाध्याय, मृत्युंजय शर्मा, मणिशंकर चतुर्वेदी, नीरज कुमार पांडे, शंकर कुमार पांडे, नितिन कुमार पांडे, शैलेंद्र पांडे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और अपने विचार व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की।


