रमजान के चौथे जुम्मे पर मस्जिदों में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़, मुल्क की अमन-चैन के लिए मांगी गई दुआ

रमजान के चौथे जुम्मे पर मस्जिदों में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़, मुल्क की अमन-चैन के लिए मांगी गई दुआ

भरनो (गुमला) – प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों में पवित्र माह रमजानुल मुबारक के चौथे जुम्मे की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। जुम्मे की नमाज को लेकर सुबह से ही रोजेदारों में खास उत्साह देखा गया। नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में मुस्लिम धर्मावलंबियों की बड़ी भीड़ उमड़ी। इस दौरान नन्हे रोजेदारों में भी विशेष उत्साह देखने को मिला और वे भी पूरे जोश के साथ नमाज में शामिल हुए।
भरनो बस्ती स्थित जामा मस्जिद में जुम्मे की नमाज के दौरान मौलाना मोतीऊर्रहमान ने अपनी तकरीर में रमजान महीने की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बारह महीनों में रमजानुल मुबारक का महीना सबसे अफजल और बरकत वाला महीना होता है। इस पाक महीने में अल्लाह तआला अपने बंदों पर खास रहमत और बरकत नाजिल करता है।
मौलाना ने कहा कि लोग साल के अन्य महीनों को जैसे-तैसे गुजार लेते हैं, लेकिन रमजान के महीने की कद्र करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि रमजान का अंतिम अशरा जहन्नुम की आग से निजात पाने का होता है। इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि बचे हुए दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, मस्जिदों में इतिकाफ के लिए बैठें और शबे कद्र की रात की तलाश करें।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति शबे कद्र की रात को पा लेता है, उसके लिए दुनिया और आखरत दोनों में कामयाबी ही कामयाबी होती है।
नमाज के बाद सभी नमाजियों ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारा, खुशहाली और बेहतर रिज्क के लिए विशेष दुआ मांगी।
इस अवसर पर अंजुमन के सदर मो. खलील मियां, मौलाना हुसैन, मिन्हाज अख्तर, नूर एहसान, मुस्ताक आलम, अनवर हुसैन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।