नौडिहा बाजार की सखी मंडल की दीदियां, होली पर केमिकल मुक्त रंगों की तैयारी

नौडिहा बाजार की सखी मंडल की दीदियां, होली पर केमिकल मुक्त रंगों की तैयारी।

नौडीहा बाजार/पप्पू यादव

नौडिहा बाजार प्रखंड क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सखी मंडल की दीदियों ने एक सराहनीय पहल की है। होली पर्व को ध्यान में रखते हुए समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से हर्बल नेचुरल अबीर-गुलाल तैयार किया गया है। इस पहल से जहां एक ओर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार का नया अवसर मिला है, वहीं दूसरी ओर लोगों को केमिकल मुक्त और त्वचा के लिए सुरक्षित रंग उपलब्ध हो सकेंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सखी मंडल की महिलाओं को बीपीएम सुनील प्रसाद के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उन्हें फूलों, पत्तियों, हल्दी, चुकंदर, पलाश, मेहंदी सहित अन्य प्राकृतिक वस्तुओं से रंग बनाने की विधि सिखाई गई। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने समूह बनाकर सामूहिक रूप से अबीर-गुलाल का उत्पादन शुरू किया। तैयार किए गए गुलाल में किसी प्रकार के रासायनिक पदार्थ का प्रयोग नहीं किया गया है, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बच्चों और बड़ों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
इस दौरान महिलाओं ने अलग-अलग आकर्षक रंगों का गुलाल तैयार किया, जो देखने में भी सुंदर है और पूरी तरह सुगंधित एवं मुलायम है। दीदियों का कहना है कि बाजार में केमिकल युक्त रंगों से त्वचा और आंखों को नुकसान होता है, ऐसे में हर्बल गुलाल लोगों के लिए बेहतर विकल्प साबित होगा। साथ ही यह पहल ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजन का भी एक अच्छा माध्यम बन रही है।
सखी मंडल की सदस्यों ने बताया कि इस कार्य से उन्हें अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है। होली के अवसर पर स्थानीय बाजारों में इसकी बिक्री की जाएगी, जिससे समूह की आय बढ़ेगी और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समूह से जुड़कर महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं बल्कि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में भी भागीदारी निभा रही हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रखंड प्रशासन ने सखी मंडल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यों से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। साथ ही लोगों को भी स्वदेशी और प्राकृतिक उत्पादों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में इस उत्पाद को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।
हर्बल अबीर-गुलाल का निर्माण क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आसपास के गांवों के लोग भी इसे देखने और खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। इस पहल से न केवल होली का त्योहार सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनेगा, बल्कि महिलाओं के जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव भी आएगा।
नौडीहा बाजार की सखी मंडल की दीदियों का यह प्रयास ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना को साकार कर रहा है और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। आने वाले दिनों में इस तरह के और भी उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारने की योजना बनाई जा रही है, ताकि समूह की आय में निरंतर वृद्धि हो सके और महिलाओं को स्थायी रोजगार मिल सके जिसमे गुड़िया प्रमिला देवी विमला देवी नीलम देवी अनीता देवी रानी कुमारी गोरी देवी सीमा देवी बसंती देवी समता कुमारी ने प्रशिक्षण प्राप्त किया और जेसलपीएस कर्मी सत्यनारायण कुमार राकेश कुमार अरुण कुमार रत्नेश कुमार राजू कुमार फातमा खातून संगीता देवी ने भाग लिए