पांकी में कीमत से अधिक मूल्य पर बेचे जा रहे यूरिया खाद प्रशासन मौन
पांकी प्रखंड में इन दोनों कीमत से अधिक मूल्य पर यूरिया खाद बेचे जाने का मामला लगातार प्रकाश में आ रहा है, ताजा मामला पांकी प्रखंड के गजबोर स्थित सुकृत एफपीओ सेंटर से आया जहां किसानों को निर्धारित मूल्य 266.5 रूपए की जगह 320 रुपए प्रतिबोरी कि दर से यूरिया खाद जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बेचा जा रहा था, इस दौरान मौके पर उपस्थित स्वीकृत फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के कर्मी दीपक कुमार ने बताया कि लगभग ₹300 की लागत में उन्हें युरिया प्राप्त हो रहा है जिस कारण वे 320 रुपए में यूरिया किसानों को बेच रहे हैं जिसमें कंपनी को 10 से ₹15 का मुनाफा हो रहा है।
वहीं मौके पर मौजूद किसानों ने भी ₹320 प्रति बोरी यूरिया मिलने की बातें स्वीकार की।
किसानों को दिए जा रहे यूरिया खाद के पैकेट में साफ तौर से प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना के सब्सिडी के तहत अधिकतम खुदरा मूल्य सभी करो सहित 266 रुपए 50 पैसे अंकित थे लेकिन किसानों को जनप्रतिनिधियों एवं रजिस्टर्ड दुकान में भी अधिक मूल्य पर यूरिया खाद का बेचा जाना कई सवालों को खड़ा कर रहा है। किसानों ने दबी जुबान से यह भी बताया कि यूरिया खाद की किल्लत को लेकर कोई भी जनप्रतिनिधि व अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे हैं जिस कारण किसान ज्यादा तोल मोल नहीं कर रहे हैं एवं जल्द से जल्द खाद खरीद कर खेतों में डालने को विवश हैं। धान की रोपाई लगभग 1 महीने पूर्व ही हो चुकी है ऐसे में किसानों को यूरिया की बेहद आवश्यकता है। आपको बता दें की किसान उत्पादक संगठन एफपीओ एक प्रकार का किसान समूह है जो बेहतर कीमत और लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी सामूहिक शक्तियों का लाभ उठाता है, इस योजना के तहत किसान अपने समूह के रूप में खाद बीज आदि को थोक में खरीदते हैं तथा अपनी उपज को थोक में बेचते हैं।
एफपीओ का मुख्य उद्देश्य किसानों को बीज खाद की थोक खरीद में छूट और अपनी उपज को बेहतर कीमत दिलाने में मदद मिलती है, लेकिन पांकी में एफपीओ सेंटर हाथी दांत बना हुआ है जहां किसानों को कीमत से अधिक मूल्य पर खाद मिल रहा है।

