राज्य विश्वविद्यालय विधेयक बिल्कुल गलत – विकाश
वाईजेके स्टूडेंट्स फेडरेशन के विकाश यादव ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा पारित राज्य विश्वविद्यालय विधेयक झारखंड के विश्वविद्यालय में कुलपति, प्रतिकुलपति समेत कई अधिकारियों के पदों पर नियुक्ति के अधिकार को राज्यपाल से छीन कर सरकार अपने हाथ में लेने का प्रावधान किया है। वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने आगे कहा कि वाईजेके स्टूडेंट्स फेडरेशन इसका पुरजोर विरोध करता है। यह विधेयक विश्वविद्यालय की स्वायत्त प्रकृति की विरूद्ध है और साथ ही संविधान के भी विरुद्ध है। झारखंड सरकार नहीं चाहती है कि छात्र संघ चुनाव सही तरीके से हो इसलिए वह छात्र संघ चुनाव पर भी प्रहार कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ काम कर रही है। किसी भी विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव को करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी होती है, लेकिन सरकार इसके खिलाफ जाकर अपनी मनमानी कर रही है।
झारखंड सरकार द्वारा विश्वविद्यालय के पदाधिकारी की नियुक्ति अपने अधीन लेना, यह राज्य के महामहिम राज्यपाल के अधिकारों का हनन है और सरकार की मंशा बिल्कुल गलत है। झारखंड सरकार के अधीन कितने संस्थान हैं चाहे वह JAC हो JSSC हो या JPSC हो, इन सबकी स्थिति कितनी बुरी है, वह किसी से छिपी नहीं है। यह सरकार पहले से अपने अधीन संस्थानों को सही तरीके से संचालित करने में पूर्णतः असफल रही है। अब सरकार विश्वविद्यालय को अपने अधीन करके मूल शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार कर रही है।

