सरपंच-सचिव पर लगा 50 लाख की हेराफेरी करने का आरोप
दरअसल, कुंडा ग्राम पंचायत में वर्ष 2020 में हाट बाजार की नीलामी हुई थी ताकि इस पैसे से ग्राम पंचायत का विकास किया जा सके और निवासियों को सर्व सुविधा मिल सके. कुंडा ग्राम पंचायत के लोग आज भी विकास की राह टकटकी लगाए देख रहे हैं लेकिन भ्रष्ट सरपंच और सचिव के कारण कुंडा का विकास नहीं हो पाया है. सरपंच और सचिव के मिली भगत से लगभग चार सालों से हाट बाजार नीलामी के 50 लाख रुपये को पंचायत के खाते में जमा नहीं किया है और पूरे पैसे को सरपंच-सचिव ने मिलकर डकार गए.
