महुआडांड़ सब्जी विक्रेता संघ का गठन, बाजार में जगह दिलाने को लेकर की मांग
महुआडांड़ सब्जी विक्रेता संघ का गठन, बाजार में जगह दिलाने को लेकर की मांग
महुआडांड़ प्रखंड क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के सैकड़ो महिलाएं एवं पुरुष किसान जो की सब्जी की खेती कर बाजारों में बिक्री कर अपनी अर्थव्यवस्था चलते आ रहे हैं। मुख्य रूप से प्रखंड की महिलाएं स्वरोजगार को अपना कर लंबे समय से अपने घर परिवार और बच्चों की पढ़ाई लिखाई में महत्वपूर्ण योगदान करती आ रही है। लेकिन इनका हौसला तब कमजोर होता है जब बाजारों में पहुंचने पर सब्जी बिक्री करने के लिए इन्हें जगह तक नहीं मिल पाती। इस परेशानी को देखते हुए महुआडांड़ सब्जी विक्रेताओं ने सब्जी विक्रेता संघ का गठन किया। जहां सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद के लिए प्रभा मिंज, सचिव पद के लिए अरूना खलखो एवं कोषाध्यक्ष पद के लिए शहादुर उरांव को मनोनीत किया गया। वहीं संघ के निर्माण के तुरंत बाद महुआडांड़ सब्जी विक्रेता संघ ने अनुमंडल पदाधिकारी विपिन कुमार दुबे से मुलाकात की। इस दौरान सब्जी विक्रेताओं को हो रही परेशानी के संबंध में एसडीएम को अवगत कराते हुए कहा कि हम सभी कृषक सब्जी की खेती कर इसे बाजार में बेचने का कार्य करते हैं लेकिन बाजार में कोई उचित स्थान नहीं होने के कारण हमें सड़क पर अपनी दुकान लगानी पड़ती है। महुआडांड़ मुख्य बाजार में 84 डिसमिल में सरकार के द्वारा शेड बनाकर सब्जी मंडी के लिए दिया गया था। जिस पर कुछ दुकानदारों के द्वारा शेड के अंदर गुमटी अथवा सटरगेट लगाकर एवं अन्य तरीकों से अतिक्रमण कर लिया गया है, वही गांव से सिर पर सब्जी की टोकरी लेकर बेचे पहुंचने वाली महिलाओं को देखते ही भगा दिया जाता है। जिस पर 84 डिसमिल में स्थित बाजार शेड को अतिक्रमण मुक्त करते हुए जगह दिलाने की मांग की। जिस पर अनुमंडल पदाधिकारी विपिन कुमार दुबे ने कृषकों को जल्दी बाजार में स्थान दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही त्वरित कार्रवाई करते हुए अंचलाधिकारी संतोष कुमार बैठा को निर्देशित करते हुए कहा कि बाजार में बने हुए शेड को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और अवैध तरीके से बाजार में रखे गुमटी अथवा अन्य तरीके से अतिक्रमण किए स्थान को अतिक्रमण मुक्त करते हुए सब्जी बिक्री करने के लिए बाजार दिया जाए।इस दौरान मुख्य रूप से प्रभा मिंज, आश्रिता टोप्पो विजय कुजूर, कश्मैत देवी, दया उरांव, सुशीला टोप्पो, जैबियर तिग्गा, प्रभु दयाल समेत प्रखंड के विभिन्न गांव से आए किसान उपस्थित थे।
