सुंदरलाल बहुगुणा की 97 वीं जयंती पर पर्यावरणविद ने पौधरोपण कर उन्हें याद किया
चिपको मूवमेंट के दौरान दो बार पलामू पर्यावरणविद कौशल के घर पहुंचे थे देश के प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा
टिहरी के चिपको से कर्नाटक के आपको तक व देश के दर्जनों राज्यों में बहुगुणा के साथ में रहे थे पर्यावरण धर्म गुरु कौशल
फ़ोटो- / बहुगुणा जी के तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हैं कौशल , पूनम, अमित व अन्य
विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्मगुरु व वन राखी मूवमेंट के प्रणेता पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल ने मंगलवार को अपने मेदिनीनगर स्थित आवासीय परिसर के आकाश बाग में भारत के महान पर्यावरण चिंतक व चिपको आंदोलन के प्रमुख नेता रहे प्रख्यात पर्यावरणविद पदमविभूषित स्व. सुंदरलाल बहुगुणा की 97वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण धर्म व उसके प्रार्थना के साथ थाईलैंड प्रजाति का आम का पौधा लगाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी संघर्षपूर्ण जीवनयात्रा को याद किया । कौशल ने कहा कि सुंदरलाल बहुगुणा भारत के एक महान पर्यावरण-चिन्तक एवं चिपको आन्दोलन के प्रमुख नेता थे। उन्होने हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में वनों के संरक्षण के लिए संघर्ष किया। उनकी पत्नी व कर्नाटक के पांडुरंग हेगड़े, रामकृष्ण हेगड़े, चंद्रशेखर, धूम सिंह नेगी अमेरिका के जॉर्ज ए जेम्स नेपाल के सरोज शर्मा भी उनके अन्दोलन से जुड़ी हुईं थीं। 1970 के दशक में पहले वे चिपको आन्दोलन से जुड़े रहे और 1980 के दशक से 2004 तक के दशक में टिहरी बाँध के निर्माण के विरुद्ध आन्दोलन से। वे भारत के आरम्भिक पर्यावरण प्रेमियों में से एक थे। उन्होंने कहा कि पलामू प्रवास के दौरान बहुगुणा ने उनके निःशुल्क पौधा वितरण सह रोपण कार्यक्रम का न सिर्फ हिस्सा बने थे बल्कि उन्होंने लावारिस सेवा केंद्र व पानी पंचायत के केंद्रीय कार्यालय का भी शुभारंभ किया था। श्री कौशल ने कहा कि बहुगुणा जी के साथ 1977 में टिहरी के चामा ,चमोली के चिपको मूवमेंट से कर्नाटक के अप्पिको आंदोलन समेत देश – विदेश के दर्जनों प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिला था ।
संस्था के प्रधान सचिव सह ग्राम पंचायत डाली बाजार के मुखिया पूनम जायसवाल ने कहा कि बहुगुणा जी अपने आंदोलन के दौरान अपनी धर्मपत्नी विमला बहुगुणा के साथ दो बार उनके पर्यावरण भवन आवास पर आए थे । छतरपुर पूर्वी से जिला पार्षद अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि पलामू प्रवास के दौरान जो लोग बहुगुणा जी से मिलने आते थे उनसे वे कहते थे कि वन और पर्यावरण जीने का आधार है।
कार्यक्रम में संस्था के सचिव अरविंद कुमार जायसवाल , प्रोपराइटर अरुण कुमार जायसवाल,कोमल जायसवाल, शिल्पा जायसवाल, पिंकी सिंह, हेम सिंह, नथुनी सिंह, परमानंद मंडल, गुड़िया कुमारी,आराध्या ,आशिका रामू, ने उनकी तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया।
