बेंगाबाद पुलिस प्रशासन द्वारा आंदोलनकारी किसानों पर झूठा आरोप लगाकर मुकदमा करने के विरोध में किसान जनता पार्टी का गिरिडीह में प्रदर्शन;
बेंगाबाद पुलिस प्रशासन द्वारा आंदोलनकारी किसानों पर झूठा आरोप लगाकर मुकदमा करने के विरोध में किसान जनता पार्टी का गिरिडीह में प्रदर्शन
गिरिडीह :-किसानों का जमीन अवैध तरीके से भूमाफियाओं के नाम पर भी जमाबंदी कायम कर ऑनलाइन लगान रसीद निर्गत करने वाले बेंगाबाद के पूर्व अंचल अधिकारी कृष्णा मरांडी के विरुद्ध केस करने की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन को दबाने के लिए भूमाफियाओं के इशारे पर बेंगाबाद पुलिस प्रशासन द्वारा किसान जनता पार्टी के सैकड़ों सदस्यों के विरुद्ध किया गया झूठा मुकदमा का उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर मंगलवार को किसान जनता पार्टी के सदस्यों ने झंडा मैदान गिरिडीह में धरना दिया और शहर में प्रदर्शन किया। धरना की अध्यक्षता करते हुए अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन किस तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है और किस तरह अपराधियों को बचाती है और निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाती है उसका एक अच्छा उदाहरण किसान जनता पार्टी के सदस्यों के विरुद्ध दर्ज किया गया बेंगाबाद थाना कांड संख्या 278/ 23 में लगाया गया आरोप है। उक्त कांड के सूचक सह किजपा के भूख हड़ताल में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी मुजफ्फर अली का आरोप है कि किजपा के लोगों के द्वारा 02 घंटा रोड को जाम रखा गया जबकि वास्तविकता यह है कि पुलिस ने रस्सी लगाकर रोड को अवरुद्ध के किया था किजपा के लोग 12: 29 बजे ब्लॉक कैंपस से निकलकर रोड से थाना तक आए और 12: 38 में थाना कैंपस में घुसा दिए गए यानी मात्र 9 मिनट तक ही रोड में चले जो सीसीटीवी कैमरा में देखा जा सकता है। मुजफ्फर अली ने आवेदन में लिखा है कि किजपा के लोग प्रशासन मुर्दाबाद का नारा लगाते आ रहे थे जबकि “सी० ओ० पर केस करो या हमलोग को जेल भेजो” का नारा लग रहा था जिसका वीडीओ रिकॉर्डिंग है। उन्होंने यह भी लिखा है कि किजपा के लोग पुलिस टीम को धमकी देते रहे और धक्का मुक्की करते रहे जबकि वास्तविकता यह है कि पुलिस इंस्पेक्टर ममता कुमारी वर्दी का रौब दिखाते हुए किजपा के लोगों के साथ धक्का मुक्की कर रही थी जिसे थाना में लगे सीसीटीवी कैमरा में देखा जा सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि उस समय कांड के सूचक मुजफ्फर अली वहां थे ही नहीं जिसे थाना में लगे सीसीटीवी कैमरा में देखा जा सकता है। निश्चित रूप से पुलिस इंस्पेक्टर, अंचल अधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और भूमाफियाओं ने मिलकर जैसा आवेदन टाइप करवाया उसी पर सूचक मुजफ्फर अली का संक्षिप्त हस्ताक्षर है जो हस्ताक्षर भी संदेहास्पद प्रतीत होता है। एस०डी०पी०ओ० श्री अनिल सिंह ने यह कह कर आंदोलन समाप्त करवाए थे कि दो दिनों में सी०ओ० के विरुद्ध लगे आरोपों का जांच कर विधि सम्मत कारवाई करूंगा पर उल्टे आंदोलनकारियों पर ही सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने सहित अन्य बिलकुल झूठा आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करवा दिया। किसान मंच के जिला सचिव विजय कुमार ने कहा कि भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों के झूठ फरेब और साजिश का जबतक पर्दाफाश नहीं होगा और उन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होगा तब तक किसान जनता पार्टी का आंदोलन चलता रहेगा। आज के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में श्यामू बासके, विजय कुमार, गोने टुडू, देवचंद्र यादव, गंगाधर यादव, नुनुलाल मुर्मू, मो० तैयब, शुकुल नारायण देव, जोगेश्वर ठाकुर, नबी अंसारी, बासुदेव मरांडी, छत्रधारी सिंह, टीपन ठाकुर, आरती देवी, पानो टुडू, सुगी हेंब्रम, मालती देवी, सामु हेंब्रम, तालो हेंब्रम,सीता मुर्मू, हेमलाल सिंह, बसिया टुडू, अब्दुल अंसारी, संचित कुमार, घनश्याम पंडित, दासो मुर्मू, सुजीत दास, भागीरथ राय, सनातन तिवारी सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
